पाचन से आप क्या समझते हैं
पाचन विकीपीडिया-,, --- पाचन एक भौतिक , रासायनिक क्रिया है ,
जिसके द्वारा भोजन में उपस्थित जटिल रासायनिक पदार्थों को जलीय अपघटन द्वारा सरल पदार्थों में तोड़ा जाता है ,
जिससे इनका अवशोषण आहारनाल की दीवार द्वारा किया जा सके । पाचन क्रिया दो प्रकार की होती है
1. अन्तः कोशिकीय पाचन ( Intracellular Digestion ) -
यह पाचन कोशिका के अन्दर होता है । इस प्रकार का पाचन निम्न प्रकार के जन्तुओं या जन्तु समान जीवों जैसे - प्रोटोजोआ , पोरीफेरा , सीलेण्ट्रेटा , जिनमें आहार नाल का अभाव होता है , में पाया जाता है ।
इस पाचन में भोजन ग्रहण के बाद कोशिकाओं में उपस्थित खाद्य रसधानियाँ इसका पाचन करती हैं । ये रसधानियाँ भोज्य पदार्थों का पाचन रासायनिक विधियों द्वारा ही प्रकीण्वों माध्यम से करती हैं ।
2. बाह्य कोशिकीय पाचन ( Extracellular Digestion ) - वह पाचन है जो कोशिका के बाहर होता है । यह पाचन उच्च श्रेणी के जन्तुओं में पाया जाता है । यह पाचन आहार नाल में होता है ।
इसमें पाचक ग्रन्थियों की कोशिकाएँ पाचक रसों को आहारनाल में स्रावित कर देती हैं और यहीं पर आहारनाल की गुहा में भोज्य पदार्थों का अपघटन होता है । इसके बाद पाचन से बने सरल पदार्थों को आहारनाल की कोशिकाओं द्वारा अवशोषित करके परिसंचरण तन्त्र में पहुंचा दिया जाता है ।

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